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सिंह राशि – मा मी मू मे मो टा टी टू टे स्वामी –सूर्य

यह वर्ष आपके लिये मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि करने वाला रह सकता है। आपकी राशि के स्वामी सूर्य वर्ष कुंडली में पंचम स्थान में बुध, गुरु, शनि व केतु के साथ विराजमान हैं। सूर्य और बुध के योग से बुधादित्य योग बना रहा है जो कि इस वर्ष आपको ख्याति दिला सकता है। करियर के मामले में विशेष रूप से यह वर्ष आपके लिये लाभकारी रहने की उम्मीद की जा सकती है।

सप्तम भाव में चंद्रमा के होने से जीवन साथी का भी आपको इस वर्ष भरपूर सहयोग मिल सकता है। अविवाहित जातकों के लिये विवाह के योग भी बन सकते हैं। प्रेम संबंधों में मधुरता आने के योग भी आपके लिये बन रहे हैं। भाग्य के स्वामी मंगल स्वराशि के होकर चतुर्थ स्थान में विराजमान हैं जो कि इस वर्ष नये घर, नए वाहन या किसी बड़ी प्रोपर्टी की खरीददारी के योग आपके लिये बना रहे हैं। मातृ सुख भी आपके लिये इस साल बढ़ सकता है।

कर्मभाव के स्वामी शुक्र जरुर आपको थोड़ा परेशान कर सकते हैं क्योंकि यह आपकी राशि से छठे स्थान पर प्रतिस्पर्धाओं को बढ़ा रहे हैं लेकिन मित्र राशि के होने से मेहनत करने पर इन प्रतिस्पर्धाओं में आपको लाभ मिल सकता है। राहू का ग्याहरवें स्थान का होना जैसे कि पिछले वर्ष विदेश यात्राओं का योग बना था उसी प्रकार इस वर्ष भी छोटी-छोटी यात्राएं होती रहेंगी। सूर्य का शनि और केतु के साथ होना यह आपके पिता और सीनियर अधिकारियों के साथ वैचारिक मतभेद बढ़ा सकता है। जो जातक अपना नया व्यवसाय शुरु करने का विचार बना रहे हैं और अपने परिजनों विशेषकर पिता पर निर्भर हैं उन्हें अपने पिता को मनाने में थोड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। नौकरीशुदा जातकों को भी अपने सीनियर्स के साथ अच्छी बनाकर रखने की आवश्यकता रहेगी। संभव हो सके तो अपने किसी भी काम को पेंडिंग न छोड़ें।

संतान कारक ग्रह बृहस्पति वर्ष की शुरुआत में स्वराशिगत होंगे जिससे कि संतान सुख या संतान पक्ष से आपको सुख मिल सकता है। जो जातक विद्यार्थी हैं और उच्च शिक्षा पाने के इच्छुक हैं उनके लिये भी मनचाहे कोर्स में दाखिला लेने के योग बन रहे हैं। विदेश में पढ़ने के इच्छुक जातकों को भी सफलता मिल सकती है।

24 जनवरी को शनि का परिवर्तन होगा जो कि आपकी राशि से छठे स्थान में आ जायेंगे। स्वराशि में शनि के आने पर आपके शत्रुओं की संख्या बढ़ सकती है। रोगों में इजाफा हो सकता है। कहा जाता है कि शनि जहां पर बैठते हैं उस स्थान की बढ़ोतरी कर देते हैं। परन्तु स्वाराशि के शनि के होने से शत्रु आपको कोई हानि नहीं पहुंचा पाएंगें। केवल मानसिक तनाव रह सकता है।

30 मार्च को मकर राशि में बृहस्पति भी प्रवेश करेंगें। जो कि आपकी राशि से छठे स्थान में होंगे। यह आपके लिये प्रतिस्पर्धाओं में सफलता के योग बनाएंगें। शत्रु भी आपसे लालायित होंगे। मान-सम्मान बढ़ेगा। राष्ट्रीय ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय सस्तर पर ख्याति प्राप्त कर सकते हैं। बृहस्पति और शनि की युति से यहां पर नीच भंग राजयोग भी बन रहा है। छोटी-छोटी सफलताओं के साथ आप बड़ी सफलता की ओर भी कदम बढ़ाएंगें। इस समय मिलने वाले किसी भी अवसर को हाथ से न जानें दें।

11 मई को शनि के वक्री होने पर शत्रुओं से होने वाली परेशानियां और अधिक हो सकती हैं। लेकिन वक्री शनि के प्रभाव से इस समय पर आप उनको ईंट का जवाब पत्थर से दे सकते हैं। मानसिक उलझनों में ज्यादा न पड़ें। इसका कुछ असर आपके दांपत्य जीवन में जीवन साथी पर भी पड़ सकता है। जीवन साथी को शारीरिक कष्ट होने की संभावनाएं बढ़ती हुई दिखाई दे रही हैं। कोई भी कार्य करें तो उसे धैर्य के साथ करने का प्रयास करें। शनि के मार्गी होने के बाद इस तरह की जो भी समस्याएं हैं वह कम होती चली जाएंगी।

14 मई को गुरु मकर राशि में ही वक्री होंगे इसके पश्चात गुरु जो शुभ प्रभाव आप पर डाल रहे हैं वह और बढ़ जाएगा। क्योंकि शुभ ग्रहों की शुभता वक्र होने पर बढ़ जाती है।

30 जून को गुरु वक्री अवस्था में ही पुन: धनु राशि में चले जाएंगें। जो इस समय आपमें योजना बनाने की क्षमता को बढ़ाएंगें और पुन: भविष्य के लिये सपने संजोने लगेंगें।

13 सितंबर को गुरु धनु राशि में मार्गी हो जाएंगें जिसके पश्चात आप अपनी योजनाओं को साकर रूप देने लगेंगें।

इसी वर्ष राहु भी राशि परिवर्तन कर रहे हैं। 23 सितंबर को राहू का परिवर्तन वृषभ राशि में हो रहा है जोकि आपकी राशि से कर्मभाव में होंगे। कर्मभाव में होने से कार्य करने की क्षमता का विकास होगा। सीनियर्स की अपेक्षाएं बढ़ सकती हैं। लेकिन उच्च के राहु आपको यह सफलता दिलाने में पूरा सहयोग करेंगें हालांकि आपको सफलता के लिये अपने सीनियर्स व सहयोगी कर्मियों को साथ लेकर चलना होगा। अंहकार से जितना हो सके बचकर रहें। साथ ही केतु भी माता के स्थान में प्रवेश करेंगें जो कि आपकी माता के स्वास्थ्य या स्वभाव में एक नकारात्मकता उत्पन्न कर सकते हैं।

29 सितंबर से पुन: शनि अपनी मूल अवस्था में आ जाएंगे जो कि धीरे-धीरे कार्य में, स्वास्थ्य में, मानसिक तनाव में कमी लाएंगें।

20 नवंबर को गुरु धनु राशि से मकर राशि में आ जाएंगें जिसके पश्चात आपके लिये सफलता प्राप्ति के योग बनेंगें। सिंह राशि वालों के लिये काफी अच्छे समय के संकेत कर रहा है।

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